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Photos: सिमरिया में समुद्र मंथन की प्रतिमा

अपनी जड़ों को ढूंढ़ने और उसे सींचने का साहस ही भारत को नित नूतन और चिर पुरातन बनाता है. ऐसी ही एक परंपरा की पुनर्प्रतिष्ठा का अभिनव अभियान मां गंगा के पावन तट पर बसे बिहार के छोटे से अंचल सिमरिया में हो रहा है. कहते हैं मिथिलांचल की धरती पर स्थित इसी सिमरिया में समुद्र मंथन से निकले
अमृत का भगवान विष्णु ने मोहिनी रूप में वितरण किया था. समुद्र मंथन का एक प्रतीक प्रारूप थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक के सुवर्णभूमि एयरपोर्ट पर बना है और दूसरा सिमरियाधाम में.

बिहार के बेगूसराय जिले में स्थित सिमरिया को समुद्र मंथन की घटना का साक्षी होने के कारण आदि कुंभस्थली भी कहते हैं. जनक परंपरा के राजा कराल जनक तक यहां कुंभ की परंपरा रही. बाद में कुंभ का अवशेष माने जाने वाले कल्पवास के रूप में सीमित होकर रह गयी.

कई सौ वर्षों बाद उस महान परंपरा को पुनर्जीवित करने का अभियान इसी सिमरिया में चल रहा है. इसी कड़ी में 17 अक्टूबर 2017 से यहां महाकुंभ का आयोजन हो रहा है.

तस्वीरों में आप देख सकते हैं सिमरिया में स्थित समुद्र मंथन की विशाल प्रतिमा-





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