सनातन परंपरा में एकादशी तिथि का स्थान अत्यंत पवित्र और फलदायी माना गया है। ज्योतिषाचार्य और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से एकादशी केवल एक धार्मिक उपवास नहीं है, बल्कि यह हमारे शरीर, मन और आत्मा को शुद्ध करने का एक वैज्ञानिक व आध्यात्मिक माध्यम है।
दशहरा यानी बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व। हर साल विजयादशमी पर देशभर में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले जलाए जाते हैं। इस दौरान आसमान आतिशबाजी से जगमगा उठता है और लोग भगवान श्रीराम की जय-जयकार करते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि रावण का पुतला जलाने के पीछे केवल एक पौराणिक घटना को याद करना ही उद्देश्य है, या इसका कोई गहरा आध्यात्मिक संदेश भी है?