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आदिकुंभस्थली सिमरिया में अर्धकुंभ का ध्वजारोहण

बिहार के बेगूसराय स्थित सिमरियाधाम में 19 अक्टूबर, 2023 को 12 वर्षों बाद फिर से अर्धकुंभ का ध्वजारोहण हुआ। पावन गंगा नदी के तट पर संत-महात्माओं की उपस्थिति में कुंभ पुनर्जागरण के प्रेरणा पुरुष करपात्री अग्निहोत्री परमहंस स्वामी चिदात्मन जी महाराज ने अर्धकुंभ का ध्वजारोहण किया‌। गंगा तट पर कुंभ ध्वज, इंद्र ध्वज, हनुमंत ध्वज और राष्ट्रीय ध्वज की विधि-विधान से मंत्रोच्चार के बीच स्थापना की गयी। इसके साथ ही अर्धकुंभ की शास्त्रीय विधि से शुरुआत हो गयी। अर्धकुंभ कार्तिक पूर्णिमा तक चलेगा। इस बीच तीन पर्व (शाही) स्नान और तीन परिक्रमा का विधान है।
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आभूषणों का शरीर के अंगों पर प्रभाव...

आभूषणों का शरीर के अंगों पर क्या प्रभाव पड़ता है? आभूषण पहनना शरीर के लिए क्यों फायदेमंद हैं? गहने क्यों पहनने चाहिए? जानने के लिए पढ़िए-

जनेऊ क्या है और इसकी क्या महत्वता है?

भए कुमार जबहिं सब भ्राता। दीन्ह जनेऊ गुरु पितु माता॥

उपभोक्तावाद की हकीकत

इन पांच लघु कहानी से समझे उपभोक्तावाद की हकीकत

हम तुलसी जी की पूजा क्यों करते हैं?

तुलसी जी , पौधा नहीं जीवन का अंग है। किस बातों का तुलसी पूजन में ध्यान रखा जाये?

देव पूजा नियम- आपके लिए जानना जरूरी है

जानिये कौन सी वस्तुएँ देव पूजा के योग्य नहीं हैं☘️

शिव रुद्राभिषेक का महत्व,शिव अभिषेक कैसे करे?

रुद्राभिषेक अर्थात रूद्र का अभिषेक करना यानि कि शिवलिंग पर रुद्रमंत्रों के द्वारा अभिषेक करना। जैसा की वेदों में वर्णित है शिव और रुद्र परस्पर एक दूसरे के पर्यायवाची हैं। शिव को ही रुद्र कहा जाता है। क्योंकि- रुतम्-दु:खम्, द्रावयति-नाशयतीतिरुद्र: यानि की भोले सभी दु:खों को नष्ट कर देते हैं।

दिशाशूल क्या होता है ?

क्यों बड़े बुजुर्ग तिथि देख कर आने जाने की रोक टोक करते हैं ? आज की युवा पीढ़ी भले हि उन्हें आउटडेटेड कहे  दिशाशूल समझने से पहले हमें दस दिशाओं के विषय में ज्ञान होना आवश्यक है

भोजन से पहले और बाद जरूर बोलना चाहिए ये मंत्र

हम सभी को भोजन से पहले और भोजन के बाद ये मंत्र जरूर बोलना चाहिए।

🌷 गंगा जयंती महत्व 🌷

श्री गंगा सप्तमी (गंगा जयंती) महत्व- 🙏🏻 गंगा जयंती हिन्दुओं का एक प्रमुख पर्व है | वैशाख शुक्ल सप्तमी के पावन दिन गंगा जी की उत्पत्ति हुई इस कारण इस पवित्र तिथि को गंगा जयंती के रूप में मनाया जाता है |

सनातन धर्म के बारे में ये जानकारी आपको जरूर होनी चाहिए...

यहां पर सनातन धर्म के बारे में बुनियादी जानकारी रख रहे हैं जो आपके लिए जानना जरूरी है...

पूर्णिमा पर क्यों सुनी जाती है सत्‍यनारायण व्रत कथा?

आमतौर पर देखा जाता है किसी शुभ काम से पहले या मनोकामनाएं पूरी होने पर सत्यनारायण व्रत की कथा सुनने का विधान है। सनातन धर्म से जुड़ा शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा जिसने श्रीसत्यनारायण कथा का नाम न सुना हो। इस कथा को सुनने का फल हजारों सालों तक किए गये यज्ञ के बराबर माना जाता है । शास्त्रों के मुताबिक ऐसा माना गया है कि इस कथा को सुनने वाला व्यक्ति अगर व्रत रखता है तो उसेके जीवन के दुखों को श्री हरि विष्णु खुद ही हर लेते हैं ।

ब्रजमंडल की हर वो जानकारी, जिसे जानना आपके लिए जरूरी है

ब्रह्मांड के रचियता श्रीकृष्ण राधेश्याम के ब्रज मंडल के बारे में हर एक जानकारी

सुख-दुख, अच्छाई-बुराई और भगवान का अस्तित्व

एक दिन कॉलेज में प्रोफेसर ने विद्यर्थियों से पूछा कि इस संसार में जो कुछ भी है उसे भगवान ने ही बनाया है न? सभी ने कहा, “हां भगवान ने ही बनाया है।“ प्रोफेसर ने कहा कि इसका मतलब ये हुआ कि बुराई भी भगवान की बनाई चीज़ ही है।

गुरु-कृपा वह नहीं है जो हम चाहते हैं, बल्कि वह है जो गुरुदेव चाहते हैं

गुरु कृपा का अर्थ यह नहीं है कि कभी हमारे पास विपत्ति आए ही नहीं। गुरु कृपा का अर्थ है कि विषम परिस्थितियों में भी हमें दुख की अनुभूति न हो और हम सदा सर्वदा सुरक्षित रहें।

जानिए भगवान शिव के उन्नीस अवतारों की संक्षिप्त कथाएं

शिव महापुराण में भगवान शिव के अनेक अवतारों का वर्णन मिलता है, लेकिन बहुत ही कम लोग इन अवतारों के बारे में जानते हैं। धर्म ग्रंथों के अनुसार भगवान शिव के उन्नीस अवतार हुए थे, तो आइए जानें उन अवतारों के बारे में-

प्रतिदिन स्मरण योग्य कल्याणकारी शुभ मंत्र

    🔹 प्रात: कर-दर्शनम्🔹 कराग्रे वसते लक्ष्मी करमध्ये सरस्वती। करमूले तू गोविन्दः प्रभाते करदर्शनम्॥          🔸पृथ्वी क्षमा प्रार्थना🔸

गायत्रीमन्त्राः सर्व गायत्री- 145 देवों के गायत्री मंत्र

सुखमय-शांतिमय जीवन के लिए प्रतिदिन 145 देवों के गायत्री मंत्र का जाप करें- 1 सूर्य ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात् ॥  2 ॐ आदित्याय विद्महे सहस्रकिरणाय धीमहि तन्नो भानुः प्रचोदयात् ॥  3 ॐ प्रभाकराय विद्महे दिवाकराय धीमहि तन्नः सूर्यः प्रचोदयात् ॥

Video+Photos: कुरुक्षेत्र कुंभ: ब्रहृमसरोवर की परिक्रमा

कुरुक्षेत्र कुंभ के दौरान द्वादश कुंभ पुनर्जागरण के प्रेरणा पुरुष करपात्री अग्निहोत्री परमहंस स्वामी चिदात्मन जी महाराज के सानिध्य में

मीडिया कवरेज: अमर उजाला, दैनिक भास्कर, VVNews Live- द्वादश कुंभ को लेकर कुरुक्षेत्र में शास्त्र मंथन

भारत का गौरव द्वादश कुंभ तथा धर्म क्षेत्र कुरुक्षेत्र विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सीनेट हॉल में किया जा रहा है जिसमें देशभर से प्रबुद्ध लोग मंथन कर रहे हैं

संतों और विद्वानों की सभा ने की कुरुक्षेत्र कुंभ की संस्तुति

शास्त्रों में उल्लिखित कुरुक्षेत्र कुंभ महोत्सव के दौरान शास्त्र मंथन का आयोजन किया गया है। कुरुक्षेत्र विवि के सीनेट हॉल में राष्ट्रीय सेमिनार के दूसरे दिन सभा ने सर्वसम्मति से कुरुक्षेत्र में कुंभ होने की शुभ सम्मति दी। इस सभा में द्वादश कुंभ पुनर्जागरण के प्रेरणा पुरुष करपात्री अग्निहोत्री परमहंस स्वामी चिदात्मन जी महाराज, ख्याति प्राप्त संत भागवत रत्न और धर्मसम्राट करपात्री जी महाराज के शिष्य स्वामी देवी दयाल पांडे,

Amar Ujala: कुंभ में बन रहा ढाई दिन का दुर्लभ योग्य, 7 दिसंबर को विशेष स्नान, डुबकी लगाने से मिलेगा पुण्य

हरियाणा की धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में 7 दिसंबर को कुंभ का विशेष स्नान पूरे दिन चलेगा। 5 से 7 दिसंबर तक वृश्चिक राशि होने के कारण ढाई दिन का दुर्लभ योग बना है। हालांकि तीन दिसंबर को कुंभ मेले का विधिवत शुभारंभ हो चुका है। इन दिनों कुरुक्षेत्र में देश-प्रदेश से हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच चुके हैं और

Video: राष्ट्र खबर- कुरुक्षेत्र में द्वादश कुम्भ पर चल रहामंथन

राष्ट्र खबर- कुरुक्षेत्र में द्वादश कुम्भ पर चल रहामंथन, देखिए न्यूज वीडियो

कुरुक्षेत्र कुंभ 2018: राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन- Photos

कुरुक्षेत्र कुंभ 2018 के प्रथम दिन 'भारत का गौरव द्वादश कुंभ तथा धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र' विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन