भारतीय संस्कृति में पूर्णिमा की रात का विशेष महत्व माना जाता है। लेकिन आश्विन महीने की पूर्णिमा को कुछ खास माना गया है। इसे शरद पूर्णिमा कहा जाता है। इस रात आसमान में चमकता पूरा चंद्रमा , उसकी शीतल चांदनी और घरों में बनने वाली खीर इस पर्व की पहचान हैं। कहीं मां लक्ष्मी की पूजा की
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में मन को शांत रखना अपने आप में एक बड़ी चुनौती बन गया है। सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक इंसान किसी न किसी चिंता में उलझा रहता है। कभी काम का दबाव परेशान करता है, तो कभी परिवार की जिम्मेदारियां और भविष्य की चिंता मन को बेचैन कर देती हैं। ऐसे में व्यक्ति को सुकून के कुछ पल चाहिए, जब वह अपने मन को शांत कर सके और खुद को बेहतर महसूस कर सके।