लोक परंपरा लोक कलाओं में जीवन पाती हैं. लोक कला की गोद में रहकर लोक-समाज के बीच हंसती, खेलती, मुस्कुराती हैं. लोक कला का एक रूप चित्रकारी है. देश के हर हिस्से में विशेष प्रकार की चित्रकला मिलती है. यह कला उस स्थान विशेष से जुड़ी सदियों की परंपरा को संजोने और एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में सहज रूप से हस्तांतरित करने का काम भी करती हैं. चित्रों के माध्यम से घटनाओं, संदेशों और विचारों को समझना आसान भी होता है.