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शरद पूर्णिमा: चांदनी रात, मां लक्ष्मी की पूजा और खीर की परंपरा का क्या है महत्व?

भारतीय संस्कृति में पूर्णिमा की रात का विशेष महत्व माना जाता है। लेकिन आश्विन महीने की पूर्णिमा को कुछ खास माना गया है। इसे शरद पूर्णिमा कहा जाता है। इस रात आसमान में चमकता पूरा चंद्रमा , उसकी शीतल चांदनी और घरों में बनने वाली खीर इस पर्व की पहचान हैं। कहीं मां लक्ष्मी की पूजा की

दशहरा 2026: रावण दहन के साथ इन 10 बुराइयों को जलाने का देते हैं संदेश

दशहरा यानी बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व। हर साल विजयादशमी पर देशभर में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले जलाए जाते हैं। इस दौरान आसमान आतिशबाजी से जगमगा उठता है और लोग भगवान श्रीराम की जय-जयकार करते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि रावण का पुतला जलाने के पीछे केवल एक पौराणिक घटना को याद करना ही उद्देश्य है, या इसका कोई गहरा आध्यात्मिक संदेश भी है?

🌷 गंगा जयंती महत्व 🌷

श्री गंगा सप्तमी (गंगा जयंती) महत्व- 🙏🏻 गंगा जयंती हिन्दुओं का एक प्रमुख पर्व है | वैशाख शुक्ल सप्तमी के पावन दिन गंगा जी की उत्पत्ति हुई इस कारण इस पवित्र तिथि को गंगा जयंती के रूप में मनाया जाता है |

सुख-दुख, अच्छाई-बुराई और भगवान का अस्तित्व

एक दिन कॉलेज में प्रोफेसर ने विद्यर्थियों से पूछा कि इस संसार में जो कुछ भी है उसे भगवान ने ही बनाया है न? सभी ने कहा, “हां भगवान ने ही बनाया है।“ प्रोफेसर ने कहा कि इसका मतलब ये हुआ कि बुराई भी भगवान की बनाई चीज़ ही है।

गुरु-कृपा वह नहीं है जो हम चाहते हैं, बल्कि वह है जो गुरुदेव चाहते हैं

गुरु कृपा का अर्थ यह नहीं है कि कभी हमारे पास विपत्ति आए ही नहीं। गुरु कृपा का अर्थ है कि विषम परिस्थितियों में भी हमें दुख की अनुभूति न हो और हम सदा सर्वदा सुरक्षित रहें।

जानिए भगवान शिव के उन्नीस अवतारों की संक्षिप्त कथाएं

शिव महापुराण में भगवान शिव के अनेक अवतारों का वर्णन मिलता है, लेकिन बहुत ही कम लोग इन अवतारों के बारे में जानते हैं। धर्म ग्रंथों के अनुसार भगवान शिव के उन्नीस अवतार हुए थे, तो आइए जानें उन अवतारों के बारे में-