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ब्रजमंडल की हर वो जानकारी, जिसे जानना आपके लिए जरूरी है

ब्रह्मांड के रचियता श्रीकृष्ण राधेश्याम के ब्रज मंडल के बारे में हर एक जानकारी


■ ब्रज के 12 कुंज है
पुष्पा कुंज,
फल कुंज,
रस कुंज,
मधु कुंज,
गो कुंज,
द्वार कुंज,
नवकुंज,
शशिकुंज,
प्रेम कुंज,
शिद्धव कुंज,
लक्ष्मी कुंज,
तुलसी कुंज।

■ ब्रज के सात सागर है
ध्रुव सागर,
गोपाल सागर,
कनक सागर,
गोप सागर,
बैकुंठ सागर,
लक्ष्मी सागर,
क्षीरसागर।

■ ब्रज के 12 अधिवन है
परमबृह्म मथुरा,
राधाबल्लभ राधाकुंड,
यशोदानंदन नंदगांव,
नवल किशोर दानगढ़,
ब्रज किशोर ललित ग्राम,
राधाकृष्ण वृषभानपुर,
गोकुलेंद्र गोकुल,
कामधेनु बलदेव,
गोवर्धन नाथजी गोवर्धन,
ब्रजवट जाववट,
युगल किशोर वृंदावन,
राधारमण संकेतवन।

■ ब्रज के 40 बिहारीजी:

अजन बिहारी,
अंकुर बिहारी,
अप्सरा,
उद्धव,
कोकिला,
कुंजबिहारी,
किलोल,
गोविंद,
चिंताहरण,
चंद्र,
चतुर,
तुष्णावर्त,
दानबिहारी,
दावानल,
पूतना,
नवलबिहारी,
प्रेमबिहारी,
पिता बिहारी,
बांकेबिहारी,
बहुल बिहारी,
ब्रह्मांड बिहारी,
प्रेम बिहारी,
वृह्मांड बिहारी,
बिछुल बिहारी,
मथरोड़ बिहारी,
मानबिहारी,
मोर बिहारी,
रासबिहारी,
रसिक बिहारी,
रमण बिहारी,
ललित बिहारी,
ब्रज बिहारी,
बन बिहारी,
बुद्ध बिहारी,
वेदबिहारी,
संकेत बिहारी,
शाक बिहारी,
श्री बिहारी,
शृंगार बिहारी,
सत्यनारायण बिहारी,
शांतनु बिहारी।

■ ब्रज के पांच पर्वत है
चरण पहाड़ी (कामवन),
चरण पहाड़ी (कामर),
नंदगांव (शिव),
बरसाना (बृह्म,)
गोवर्धन (विष्णु)।

■ ब्रज के सात कदमखंडी है
गोविंद स्वामीजी,
पिसावा,
सुनहरा,
करहला,
गांठौली,
उद्धवक्यारी,
दौऊ मिलन की।

■ ब्रज के हिंडोला
श्री कुंड,
करहला,
संकेत,
आजनोखर,
रासौली,
गहवरवन,
वृंदावन,
शेषशायी।

■ ब्रज के प्रमुख सरोवर
सूरज सरोवर,
कुसुम सरोवर,
विमल सरोवर,
चंद्र सरोवर,
रूप सरोवर,
पान सरोवर,
मान सरोवर,
प्रेम सरोवर,
नारायण सरोवर,
नयन सरोवर।

■ ब्रज की चौदह देवी
कात्यायनी देवी,
शीतला देवी,
संकेत देवी,
ददिहारी,
सरस्वती देवी,
वृंदादेवी,
वनदेवी,
विमला देवी,
पोतरा देवी,
नरी सैमरी देवी,
सांचौली देवी,
नौवारी देवी,
चौवारी देवी,
मथुरा देवी l


ब्रज यात्रा में आनंद आए तो बोलिये

🌹राधे राधे 🌹

राधेकृष्ण राधेकृष्ण कृष्ण कृष्ण राधे राधे ।
राधेश्याम राधेश्याम श्याम श्याम राधे राधे ।।

सौजन्य - सोशल मीडिया

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