Skip to main content

मीडिया कवरेज: अमर उजाला, दैनिक भास्कर, VVNews Live- द्वादश कुंभ को लेकर कुरुक्षेत्र में शास्त्र मंथन

भारत का गौरव द्वादश कुंभ तथा धर्म क्षेत्र कुरुक्षेत्र विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सीनेट हॉल में किया जा रहा है जिसमें देशभर से प्रबुद्ध लोग मंथन कर रहे हैं





पूरा न्यूज पढ़ने के लिए क्लिक करें-
VVNewsLive

Comments

Popular posts from this blog

सिमरिया कुम्भ- आदि से अब तक

कलकल छलछल बहती गंगा सिर्फ नदी नहीं, भारत में गंगा मां है। वैज्ञानिक इसे समझ पाते और इतिहासकार शब्द दे पाते, इसके बहुत पहले से मां गंगा ने भारतीय  सभ्यता संस्कृति को पाला पोसा है. गंगोत्री ले लेकर गंगा सागर तक करोड़ों लोगों के विश्वास, आस्था और जीवन का प्रतीक है गंगा. जन्म से लेकर मरण तक हरेक भारतवासी के जीवन का अटूट हिस्सा है मां गंगा. इसकी एक बूंद मात्र जीवन को शुभ करने के लिए काफी है, शायद इसलिए इसे भारत की जीवन रेखा कहते है.

समुद्र मंथन में मंदार पर्वत

कहा जाता है कि समुद्र मंथन में मंदार पर्वत को मथनी और बासुकीनाग को रस्सी बनाया गया था. यह प्रतीक भी हो सकते हैं और प्रत्यक्ष भी लेकिन यह सच है कि सिमरिया से मंदार पर्वत और बासुकीनाथ धाम की दूरी 200 किलोमीटर के आसपास की है. यह शोध और विवेचना का विषय है,

आभूषणों का शरीर के अंगों पर प्रभाव...

आभूषणों का शरीर के अंगों पर क्या प्रभाव पड़ता है? आभूषण पहनना शरीर के लिए क्यों फायदेमंद हैं? गहने क्यों पहनने चाहिए? जानने के लिए पढ़िए-